तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा कदम, पूर्व CM पन्नीरसेल्वम ने थामा DMK का हाथ

 चेन्नई

तमिलनाडु में विधानसभा चुनावों से ठीक पहले सियासत में हलचल तेज हो गई है. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और AIADMK से निष्कासित नेता ओ. पन्नीरसेल्वम आज सत्ताधारी पार्टी DMK में शामिल हो गए हैं. 

DMK में शामिल होने के बाद ओपीएस ने कहा, 'आज मैंने अन्नादुराई की बनाई गई पार्टी डीएमके में खुशी-खुशी शामिल हो गया हूं. इसके लिए डीएमके नेता का धन्यवाद. डीएमके नेता स्टालिन अच्छे से पार्टी चला रहे हैं. ईपीएस के अहंकार और सत्ता के दुरुपयोग ने ऐसे हालात पैदा कर दिए हैं कि AIADMK कभी चुनाव नहीं जीत सकती.'

ओपीएस ने आगे कहा, 'मुख्यमंत्री स्टालिन ने सुशासन दिया है और राज्य इसे देख रहा है. विशेषकर महिलाएं डीएमके सरकार के परिवार चलाने के लिए दी गई सुविधाओं से खुश हैं. ईपीएस तानाशाही तरीके से पार्टी चला रहे हैं और एआईएडीएमके पतन की ओर अग्रसर है.'

दबाव में डीएमके में शामिल होने के सवाल पर, ओपीएस ने कहा, 'पिछले कई सालों में झेली गई कड़वाहट के कारण ये फैसला मैंने खुद लिया है. आगामी चुनाव में, अगर स्टालिन मौका देंगे तो मैं चुनाव लड़ूंगा. डीएमके का कोई विरोध नहीं कर सकता.'
पन्नीरसेल्वम तीन बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. उन्हें दिवंगत मुख्यमंत्री जे. जयललिता के सबसे भरोसेमंद सिपहसालार माना जाता रहा है. AIADMK में उनके और एडप्पादी के. पलानीस्वामी के बीच लंबे समय तक नेतृत्व संघर्ष चला, जिसके बाद उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था.

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पन्नीरसेल्वम के डीएमके में शामिल होने से साउथ तमिलनाडु का वोट बैंक प्रभावित हो सकता है. यहां थेवर समुदाय में पन्नीरसेल्वम का समर्थन मजबूत माना जाता है.

DMK कार्यकर्ता ने जताई खुशी

पन्नीरसेल्वम के डीएमके में शामिल होने पर डीएमके कार्यकर्ता अभिषेक ने खुशी जाहिर की है. उन्होंने एएनआई से बात करते हुए कहा, 'ये एक शानदार दिन है. लोग साबित कर रहे हैं कि हम फिर से एक मजबूत सरकार बनाने जा रहे हैं. हम अभी मजबूत हैं और आगे और भी मजबूत होंगे. इसलिए, ये अच्छा होगा ये (ओपीएस के डीएमके में शामिल होने की संभावना) हमारी नेतृत्व क्षमता को दिखाता है कि कोई दूसरा (पूर्व) मुख्यमंत्री भी हमारे साथ जुड़ सकता है. हमें हराने वाला कोई नहीं है.'

तीन बार मुख्यमंत्री बने पन्नीरसेल्वम 

बता दें कि ओ.पन्नीरसेल्वम पहली बार 2001 में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने थे. हालांकि 6 महीने बाद ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद 2014 में उन्होंने दूसरी बार राज्य के सीएम पद का कार्यभार संभाला. लेकिन इस बार वो एक महीने तक ही इस पद पर बने रह सके. पनीरसेल्वम 2016 में तीसरी बार राज्य के सीएम बने थे, लेकिन 2017 में उन्होंने एक बार फिर इस्तीफा दे दिया था.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button