कनाडा में उज्जैन के युवक को पहले पीटा, फिर कार चढ़ाकर मार डाला, सीएम ने व्यक्त किया शोक

 उज्जैन 

 उज्जैन शहर के बेकरी कारोबारी के बेटे की कनाडा में बेरहमी से हत्या कर दी गई। घटना 14 मार्च को कनाडा के फोर्ट सेंट जॉन शहर में हुई, जहाँ कॉलेज के छात्रों ने पहले गुरकीरत सिंह मनीचा (24) की पिटाई की और फिर उस पर कार चढ़ा दी। गंभीर घायल गुरकीरत की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। गुरकीरत देवास रोड स्थित पार्श्वनाथ सिटी के निवासी थे। वह कनाडा के नॉर्दर्न लाइट्स कॉलेज बिजनेस मैनेजमेंट के पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा प्राग्राम की पढ़ाई कर रहे थे। वह पढ़ाई के साथ वॉलमार्ट में काम भी करते थे। घटना पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शोक व्यक्त करते हुए परिवार के प्रति संवेदना जताई है।

गुरकीरत के बड़े भाई प्रबकोरत सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी कनाडा में रह रहे गुरकीरत के दोस्त ने शनिवार-रविवार की दरमियानी रात फोन कर दी। बताया गया कि ड्यूटी खत्म होने के बाद नॉर्दर्न लाइट्स कॉलेज के कुछ छात्र गुरकीरत को अपने साथ ले गए। वहीं पहले से किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। इसी दौरान 10-12 युवकों ने उसके साथ मारपीट की और बाद में उस पर गाड़ी चढ़ा दी। परिवार के मुताबिक स्थानीय पुलिस ने शुरुआती जांच में 7-8 संदिग्धों को हिरासत में लिया था। हालांकि बाद में उनके वकील के पहुंचने पर छोड़ दिया गया। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
पिता को अफसोस, वह आखिरी बातचीत हो गई

परिजनों के मुताबिक घटना से ठीक एक दिन पहले शुक्रवार को गुरकीरत सिंह मनोचा की पिता गुरजीत सिंह मनीचा से फोन पर बात हुई थी। उस समय गुरजीत सिंह दिल्ली में आयोजित फूड एग्जीबिशन से उज्जैन लौट रहे थे। दोनों के बीच सामान्य बातचीत हुई। परिवार वालों का कहना है कि उसके पिता को अफसोस है। वह बार बार कह रहे है कि क्या पता था कि बेटे से आखिरी बातचीत हो रही है। परिवारजन ने बताया कि गुरकीरत ने कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल से पढ़ाई करने के बाद विक्रम यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया था। करीब सवा साल पहले उच्च शिक्षा के लिए कनाडा गया था।

वहीं नॉदर्न लाइट्स कॉलेज से बिजनेस मैनेजमेंट का पोस्ट डिग्री डिप्लीमा कर रहे थे। पढ़ाई के साथ गुरकीरत कनाडा में वॉलमार्ट स्टोर में मैनेजर के रूप में काम कर रहा था क्योंकि कनाडा का नियम है कि अगर कोई छात्र वहां रह रहा है, ती तीन दिन काम करना जरूरी है। कनाडा जाने से पहले गुरकीरत अपने पिता के फूड सप्लाई और बेकरी कारोबार में हाथ चंटाता था। भविष्य में विदेश में ही अपना करियर बनाने का सपना देख रहा था।

परिवार ने विदेश मंत्री से लगाई गुहार
गुरकीरत का शव भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसमें करीब तीन सप्ताह लगने की संभावना है। परिवार ने केंद्र और राज्य सरकार से शब जल्द भारत लाने में मदद की मांग की है। गुरकीरत के परिवार वालों ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राज्य सरकार से अपील की है कि औपचारिकताएं जल्द पूरी कर गुरकीरत का पार्थिव शरीर शीघ्र उज्जैन पहुंचाने में मदद करें ताकि परिवार अंतिम दर्शन कर सके। इसके साथ ही उसकी हत्या करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही और सजा करवाने के अपील की।

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