आरक्षक भर्ती का दूसरा चरण शुरू, ग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट युवा भी दे रहे फिजिकल टेस्ट

ग्वालियर
मध्य प्रदेश में पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया का दूसरा चरण शुरू हो गया है। लिखित परीक्षा के बाद अब शारीरिक प्रवीणता परीक्षा (पीईटी) सोमवार से प्रारंभ हो चुकी है। प्रदेश भर में इसके लिए 10 केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें ग्वालियर का 14वीं बटालियन एसएएफ ग्राउंड भी शामिल है। इस केंद्र पर कुल 5600 अभ्यर्थियों को फिजिकल परीक्षा के लिए बुलाया गया है। इस दौरान जो खास बात देखने को मिली कि 12 पास आरक्षक पद के लिए ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट और टेक्निकल साक्षरता का ज्ञान रखने वाले अभ्यर्थी भी पहुंच रहे हैं।
भर्ती प्रक्रिया के तहत प्रतिदिन 200 अभ्यर्थियों को बुलाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, 23 फरवरी से शुरू हुई यह शारीरिक दक्षता परीक्षा 14 मार्च तक चलेगी।
तिथि निर्धारित दूसरा मौका नहीं ग्वालियर रेंज के डीआईजी अमित सांघी ने बताया कि ग्वालियर केंद्र पर 5 हजार से अधिक अभ्यर्थियों को बुलाया गया है। सोमवार और मंगलवार को 200-200 अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए बुलाया गया, जबकि इसके बाद प्रतिदिन 400 अभ्यर्थियों की शारीरिक प्रवीणता परीक्षा आयोजित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी अभ्यर्थी को निर्धारित तिथि और समय में कोई बदलाव या रियायत नहीं दी जाएगी। समय से चूकने पर दूसरा मौका नहीं मिलेगा।
बहन ग्रेजुऐशन कर रही है फिजिकल परीक्षा में शामिल होने के लिए न केवल ग्वालियर बल्कि आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पहुंच रहे हैं। अशोकनगर से आए गिर्राज रघुवंशी अपनी बहन के साथ केंद्र पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनकी बहन लिखित परीक्षा उत्तीर्ण कर चुकी है और अब शारीरिक परीक्षा देने आई है। वह बीए प्रथम वर्ष की छात्रा है। गिर्राज सुबह 5 बजे ही बहन के साथ ग्राउंड पहुंच गए थे और बाहर इंतजार करते नजर आए।
यूपीएससी की तैयारी कर रही है बहन इसी तरह गुना से आए अरविंद अपनी बहन के साथ परीक्षा केंद्र पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनकी बहन बीएससी पास है, एमएससी कर रही है और साथ ही यूपीएससी की तैयारी भी कर रही है। लिखित परीक्षा पास करने के बाद उसे ग्वालियर केंद्र पर फिजिकल टेस्ट के लिए बुलाया गया है। भर्ती के लिए न्यूनतम पात्रता 12वीं पास निर्धारित की गई है, लेकिन बड़ी संख्या में स्नातक और परास्नातक अभ्यर्थी भी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, यहां आने वाले अधिकांश अभ्यर्थी बीए, बीएससी, एमए और बीटेक जैसे उच्च शिक्षित युवा हैं, जो पुलिस सेवा में करियर बनाने के लिए प्रयासरत हैं।



