भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कब होगा साइन? पीयूष गोयल ने साझा बयान की तारीख का किया खुलासा

नई दिल्ली
भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर सहमति बन चुकी है. अब सवाल है कि आखिर भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर साइन कब होगा? आखिर ट्रेड डील पर भारत और अमेरिका का साझा बयान कब जारी होगा? इस पर देश के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बड़ा अपडेट दिया है. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने आज यानी गुरुवार को कहा कि भारत और अमेरिका अगले चार से पांच दिनों में ट्रेड डील पर एक जॉइंट स्टेटमेंट जारी कर सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि फॉर्मल एग्रीमेंट का ड्राफ्ट अभी फाइनल किया जा रहा है और उम्मीद है कि मार्च के बीच तक इस पर साइन हो जाएंगे.
इससे पहले वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि भारत और अमेरिका एक-दूसरे की पूरक अर्थव्यवस्थाएं हैं और प्रस्तावित ट्रेड डील दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद होगी. उन्होंने कहा कि फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के बाद से द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के लिए बातचीत चल रही है. 2 फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत हुई थी. इसके बाद अमेरिका ने टैरिफ में कटौती करके 18 फीसदी कर दिया था. पीएम मोदी और डोनाल्ज ट्रंप के बीच बातचीत के बाद ट्रेड डील की घोषणा की गई और अब डिटेलिंग पर काम चल रहा है.
लोकसभा में सवाल का गोयल ने दिया जवाब
लोकसभा में कुछ सदस्यों द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि पिछले एक साल से दोनों देशों के बातचीत करने वाले कई लेवल पर बातचीत कर रहे थे. उन्होंने कहा, ‘पिछले एक साल से दोनों पक्षों के बातचीत करने वाले अलग-अलग लेवल पर बातचीत कर रहे हैं. बातचीत के दौरान दोनों पक्षों ने अपने महत्वपूर्ण और संवेदनशील सेक्टरों को ट्रेड डील से सुरक्षित रखा, साथ ही दोनों देशों के लिए अधिकतम फायदे भी सुनिश्चित किए.’
कृषि सेक्टर प्रोटेक्टेड
पीयूष गोयल ने साफ कहा कि कृषि सेक्टर प्रोटेक्टेड है. उन्होंने कहा कि भारत ने बातचीत के दौरान प्रमुख संवेदनशील सेक्टरों खासकर कृषि और डेयरी के लिए सुरक्षा हासिल की है. उन्होंने कुछ विपक्षी सदस्यों के विरोध के बीच लोकसभा में बोलते हुए कहा, ‘कुछ ऐसे सेक्टर थे जो अमेरिका के नज़रिए से महत्वपूर्ण और संवेदनशील थे. लगभग एक साल की बातचीत के बाद दोनों पक्ष द्विपक्षीय व्यापार समझौते के कई क्षेत्रों को अंतिम रूप देने में सफल रहे हैं.
कब बनी ट्रेड डील पर सहमति?
2 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत हुई थी. उसी के बाद भारत और अमेरिका के बीच यह ट्रेड डील हुई. इसके तहत अमेरिका ने भारतीय सामान पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है और भारत ने भी अमेरिकी उत्पादों पर व्यापारिक बाधाएं कम की हैं. पहले भारत के सामानों पर 50 फीसदी टैरिफ था. बेसिक 25 और एडिशनल 25. अब अमेरिका ने कुल 18 कर दिया है. हालांकि, ट्रंप का कहना है कि इस समझौते में भारत द्वारा रूस से तेल की खरीद कम करने और अमेरिका व संभवतः वेनेजुएला से तेल आयात बढ़ाने की बात भी शामिल है. मगर भारत सराकर ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं.
पीएम मोदी ने क्या कहा था?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था, ‘आज मेरे प्रिय मित्र राष्ट्रपति ट्रंप से बात करके बहुत अच्छा लगा. यह जानकर खुशी हुई कि अब ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है. इस शानदार घोषणा के लिए भारत के 1.4 अरब लोगों की ओर से राष्ट्रपति ट्रंप का धन्यवाद.’
क्या-क्या सस्ते होंगे
भारत और अमेरिका के बीच रेसिप्रोकल टैरिफ घटाने को लेकर हुए समझौते से देश में कई तरह के सामान सस्ते हो सकते हैं. इसमें टेक्नोलॉजी से जुड़े उत्पादों से लेकर कुछ कृषि उत्पाद तक शामिल हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस डील से लैपटॉप, मोबाइल गैजेट्स और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे टेक हार्डवेयर और उनके पार्ट्स की कीमतें कम हो सकती हैं। इसके अलावा प्रोसेस्ड फूड, पैकेज्ड सामान और घरेलू उपकरण भी कम इंपोर्ट खर्च की वजह से सस्ते हो सकते हैं. दालें, डेयरी प्रोडक्ट्स और प्रोसेस्ड फूड जैसे कृषि उत्पादों पर लगने वाला आयात शुल्क घट सकता है, जिससे बढ़ती खाद्य महंगाई के दबाव को कुछ हद तक कम करने में मदद मिल सकती है. हालांकि, सरकार की ओर से डील की पूरी शर्तों की आधिकारिक जानकारी अभी आना बाकी है.



